शिक्षा जीवनपर्यत चलने वाली प्रक्रिया है] किंतु बाल्यावस्था से किशोरवस्था तक छात्र अपने भविष्य की नींव रखता है। विद्यालयी शिक्षा के अंतर्गत छात्र-छात्राओं का कोमल मन उनकी अभिरूचियों के अनुसार विकसित होता है। श्री सरस्वती विद्यालय इण्टर कॉलिज, हापुड़ में कला,वाणिज्य,विज्ञान,व्यावसायिक वर्ग की शिक्षा प्रदान की जाती है। विद्यालय में आदर्श अध्यापक- अध्यापिकाओं द्वारा छात्र-छात्राओं के सर्वांगींय विकास के लिये समय-समय पर इन्डोर व आउटडोर प्रतियोगिताओं यथा निबंध लेखन,वाद-विवाद,आशु कविता लेखन,कविता पाठ,विज्ञान प्रदर्शनी,क्विज प्रतियोगिता,पेंटिंग प्रतियोगिता,क्रिकेट,वॉलीबाल,लंबी कूद,टेबिल टैनिस,जिम्नेस्टिक्स आदि का आयोजन किया जाता है।
विद्यालय में 3300 से अधिक छात्र-छात्रायें शिक्षा प्राप्त कर रहें है। इनकी सुगम शिक्षा व्यवस्था हेतु अध्यापक-अध्यापिकाओं,लिपिकों एवं कर्मचारियों की वृहद् संख्या है। संपूर्ण विद्यालय परिवार को कोरोना काल में वायरस से बचाव हेतू सोशल डिस्टेंसिंग,सैनिटाईजेशन की व्यवस्था एवं मास्क के निरंतर प्रयोग पर बल दिया गया। समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों द्वारा छात्र-छात्राओं एवं स्टॉफ की कोरोना जॉंच भी कराई गई।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत गरीब छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हेतु योजना में विद्यालय के अनेक छात्र-छात्राओं का चयन हुआ है। केन्द्र सरकार के अंतर्गत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंस्पायर अवार्ड योजना में विद्यालय के अनेक छात्र-छात्रायें चयनित हुए। राष्ट्र सेवा की भावना को बलवती करने हेतु जूनियर तथा सीनियर एन0सी0सी0 प्रशिक्षण की व्यवस्था है। किसी भी विद्यालय की प्रबंध समिति विद्यालय का एक अभिन्न अंग होती है। विद्यालय के प्रबंधक श्री सुधीर अग्रवाल जी द्वारा विद्यालय को तकनीकी रूप से सुद्रढ़ बनाने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे है, जिसमें विद्यालय की वेब साइट तथा स्कूल मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का निर्माण कराना है। प्रबंधक महोदय का प्रयास विद्यालय को उत्कृट तथा बहुआयामी ऊचाईयों तक ले जाना है, जिसमें प्रबंध समिति भी अपना प्रयास अनवरत व सहर्ष रूप से कर रही है।
